RAM की फ्रीक्वेंसी मैच न होने पर कंप्यूटर में किस प्रकार की प्रॉब्लम आती है ?

कंप्युटर मे रैम एक बहूत ही इम्पॉर्टन्ट कम्पोनेन्ट होता है ऐसे मे अगर आपके कंप्युटर मे 8 gb की रैम लागि है और वह 3000 mhz फ्रीक्वन्सी की है, और आपने अगर एक और रैम लगाना चाहते है तो वह 3000 mhz की ही होनी चाहिए ऐसा आपने जरूर सुन होगा और यह बिल्कुल सही बात है, इस पोस्ट मे हम इसी के बारेमे जानेंगे की, अगर आपके रैम के फ्रीक्वन्सी एक जैसी नहीं है तो आपको क्या प्रॉब्लेम्स या सकती है, कैसे आप इसे ठीक कर सकते है?

 

Ram अपग्रेड हम तभी करते है जब हमे रैम की जरूरत होती है, ऐसे मे अगर आपके पास 8 gb की रैम है जो की 3000 mhz की है तो आप को अपग्रेड करते समय आपको जरूर 3000 mhz की ही रैम खरीदनी चाहिए, ऐसा क्यों चलिए जानते है।

RAM FREQUENCY IN HINDI

Ram की Frequency एकजैसी क्यों होनी चाहिए?

अगर आपके कंप्युटर मे 8 gb की रैम लागि है, और आप अगर दूसरी रैम लगते है जो की 8 gb की है लेकिन वह 2400 mhz की है, तो वह जो 3000 mhz की ram जो आपके कंप्युटर मे पहले से ही लागि हुई है तो, वह ram अपने आप को downclock कर लेगी जिसकी वजह से दोनों रैम 2400 mhz की स्पीड से चलेंगी, जिसकी वजह से आपकी रैम की स्पीड काम हो जाएगी, जिससे आपके परफॉरमेंस मे आपको कमी देखने को मिलेगी।
इसही वजह से आपको बिल्कुल एक सरीखे की फ्रीक्वन्सी वाली रैम इस्तेमाल करनी चाहिए।

 

फ्रीक्वेंसी मैच न होने पर कंप्यूटर में किस प्रकार की प्रॉब्लम आती है?

 

इसकी वजह से ज्यादा कोई प्रॉब्लेम्स नहीं आती है, लेकिन आपको स्पीड के कुछ compromise करना पद सकता है।

 

इसे कैसे ठीक करे:

आप चाहे तो अपने रैम को overclock करके इस्तेमाल कर सकते है, जिसमे आपको थोड़ी हेल्प जरूर मिल जाएगी।

लेकिन आपको ध्यान देना चाहिए अपने रैम को अपग्रेड करते वक्त रैम की फ्रीक्वन्सी के ऊपर।

 

 

आशा करते है आपको अच्छी तरह समझ आया होगा ram frequency के बारेमे, अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी है तो इसे शेयर जरूर करे, धन्यवाद!

Leave a Comment